Traditional Ornaments of Haryana | हरियाणा राज्य में स्त्रियों व पुरुषों द्वारा पहने जाने वाले आभूषण – Apna Haryana

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Traditional Ornaments of Haryana : भारत की संस्कृति व इतिहास में हरियाणा राज्य का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। जब हरियाणा राज्य की संस्कृति की बात करें तो राज्य के आभूषण और वेश भूषा का जिक्र करना स्वाभाविक हो जाता है। 

आभूषण का उपयोग वेशभूषा के साथ सुंदरता को और निखारने के लिए किया जाता है। इस पोस्ट में हम हरियाणा में स्त्रियों व पुरुषों द्वारा पहने जाने वाले आभूषणों के बारे में पढ़ेंगे जो बार-बार पेपर में पूछे गए है।

  

Traditional ornaments of Haryana | हरियाणा राज्य में स्त्रियों व पुरुषों द्वारा पहने जाने वाले आभूषण - Apna Haryana
Traditional ornaments of Haryana

Traditional ornaments of Haryana

Traditional Ornaments of Haryana से मतलब है – हरियाणा के पारम्परिक आभूषण। हरियाणा में पहने जाने वाले इन पारम्परिक आभूषण मुख्य रूप से दो प्रकार में विभाजित किए जा सकते है –

  • स्त्रियों के आभूषण 
  • पुरुषों के आभूषण

स्त्रियों द्वारा पहने जाने वाले आभूषण

पांव के आभूषण

हरियाणा में स्त्रियों द्वारा पैरों में धारण किए जाने वाले आभूषण कई प्रकार के होते हैं। चलिए इन आभूषणों के बारे में जानते हैं।

कड़ी

  • यह एक वलयाकार चाँदी से निर्मित आभूषण है जो पाँव में टखनों के ऊपर और छेल-कड़ो के नीचे पहना जाता है।  

गजरियाँ  

  • यह भी चाँदी से बना पैर में पहने जाने वाला आभूषण है। 

चुटकी 

  • यह सुहागिन स्त्रियों द्वारा पैर की अंगुली में पहने जाने वाला चांदी का छल्लीनुमा आभूषण है इसको चुटकी या बिछुए भी कहा जाता है। 

नेवरी 

  • यह पायल की तरह का एक आभूषण है जो महिलाओं द्वारा पैर में पहना जाता है। इसमें घुँघरूओँ की ध्वनि निकलती है। 

छैलकड़े 

  • यह चांदी से बने होते हैं और बुजुर्ग महिलाओं द्वारा पैरों में पहने जाते है। 

झांझर

  • यह पायल नुमा आभूषण है जो पैरों में पहना जाता है।  

पगपान 

  • यह हथफूल के जैसा पैरों का आभूषण है। 

पायल/पाजेब/पजेब 

  • महिलाओं द्वारा पाँव में पहने जाने वाला आभूषण जिसमें घुंगरूँ लगे होते है। 

हाथ के आभूषण 

स्त्रियों द्वारा हाथों में पहने जाने वाले सभी आभूषण नीचे दिए गए हैं।

आरसी 

  • यह आईना जड़ित अंगूठी होती है जिसे स्त्रियां दाहिने हाथ के अंगूठे में पहनती हैं। इसमें एक छोटा सा आईना होता है जो खुलता है या बंद होता है। 

अंगूठी 

  • यह सोने, चांदी या हीरा जड़ित एक छल्ला-नुमा आभूषण है जिसे अंगुली में पहना जाता है इसे बिंटी या मुंदड़ी भी कहते हैं। 

पौहंचा 

  • यह कलाई पर पहने जाने वाला आभूषण है। 

हथफूल 

  • यह महिलाओं द्वारा हाथ की हथेली के पीछे के हिस्से पर पहने जाने वाला सोने या चांदी से बना एक आभूषण है। 

गजरा 

  • यह कलाई का एक आभूषण है, यह चूड़ी की तरह ढीला ना होकर कलाई के साथ चिपका रहता है। 

छन्न-कंगन 

  • यह औरतों द्वारा पहने जाना वाला एक छनकने वाला हाथ का आभूषण है। 

पछेल्ली 

  • यह एक कलाई का आभूषण है, जिसके ऊपर चोंचदार बीज होते हैं। 

कांगनी 

  • हल्के कंगन को कांगनी कहा जाता है और यह कलाई का आभूषण है। 

टाड

  • यह बाजू में पहने जाने वाला आभूषण है, इसमें चांदी की बनी एक पट्टी पर घुंघरू लटका दिए जाते हैं। 

बाजूबंद 

  • यह हाथ या बाजू पर पहने जाने वाला आभूषण है। इसे बाजूबंद या बाजूफुल भी कहा जाता है। 

अनंत 

  • यह बाजू के ऊपरी भाग में पहने जाने वाला आभूषण है जिसमें सर्प के आकार की आकृति बनी होती है इसे पहनते समय सर्पमुख बाजू के बाहरी ओर रखा जाता है। 

कंगन 

  • महिलाओं के द्वारा कलाई में पहने जाने वाला आभूषण है। 

कड़ा 

  • सोने या चांदी या अन्य किसी धातु से निर्मित गोलाकार आभूषण कड़ा कहलाता है इसे हाथ या पाव में पहना जा सकता है। 

दस्तबंद 

  • यह हाथ में पहने जाने वाला सोने या चांदी से बना हुआ आभूषण है।  

मुद्रिका 

  • हाथों की उंगलियों में पहने जाने वाली नगीना जड़ित अंगूठी को मुद्रिका कहते हैं। 

सिर के आभूषण 

हरियाणा में स्त्रियों द्वारा सिर पर भी कुछ आभूषण धारण किए जाते हैं।

शीशफूल 

  • यह गोलाकार टिकडों से बना सिर का एक आभूषण है। 

फूल 

  • यह चांदी या सोने से बना आभूषण है जिसे सिर के ऊपर बांधा जाता है। 

सिंगार-पट्टी 

  • यह पूरे माथे को ढकने वाला आभूषण है, यह आमतौर पर चाँदी की बनी होती है। 

ताग्गा 

  • यह पतले धागे जैसा आभूषण है, जिसे माथे पर बांधा जाता है। यह सोने या चाँदी का बना होता है। 

बोरला 

  • यह मोटी बेर के आकार का सोने या चांदी से निर्मित आभूषण है, जिसे नगीने जड़ कर बनाया जाता है। इसे माथे के बीच में लटकता हुआ पहना जाता है।  

केश पिन 

  • यह सोने या चांदी से बनी हुई होती है जिसे बालों में लगाया जाता है। इसे अंग्रेजी भाषा के शब्द किल्प को बिगाड़ कर कलफ भी कहा जाता है।  

छाज 

  • यह चांदी का निर्मित आभूषण होता है जिसे पूरे माथे पर लटकाया जाता है। 

रखड़ी या पोंची 

  • यह सिर पर मांग के ऊपर बांधा जाने वाला आभूषण है। इसे सुहाग का प्रतीक माना जाता है। 

टीका 

  • यह सोने से बना आभूषण है जिसे मस्तक पर लटकाया जाता है। 

गोफण 

  • यह स्त्रियों द्वारा बालों की छोटी छोटी लटों में गूंथा जाने वाला आभूषण है। 

नाक के आभूषण 

स्त्रियों द्वारा नाक पर धारण किए जाने वाले आभूषण निम्न हैं।

बेस्सर 

  • यह नाक में पहने जाने वाला एक आभूषण है जिसे छोटी नाथ के नाम से भी जाना जाता है। 

नथ 

  • यह सोने से निर्मित आभूषण है जिसे नाक के बाएं ओर छेद करवाया जाता है। यह आकार में बड़ी होती है और इसे विवाहित स्त्रियों द्वारा पहना जाता है। 

कोका 

  • यह सोने, चांदी या हीरे से बना दाने के आकार का नाक का एक आभूषण है जिसे महिलाओं द्वारा नाक के बाएं ओर पहना जाता है। 

लौंग 

  • यह लौंग के आकार का नाक का एक आभूषण है। 

पुरली 

  • यह लौंग से बड़े आकार का नाक का एक छिद्रदार गहना है। 

नाथली 

  • यह नथ आभूषण का छोटा रूप होता है। 

भंवरा 

  • यह नाक का आभूषण है जो लौंग से बड़े आकार का होता है। 

गले के आभूषण 

हरियाणा में स्त्रियों द्वारा गले में धारण किए जाने वाले आभूषण निम्न हैं।

हंसली 

  • यह महिलाओं द्वारा गले में पहने जाने वाला एक गहना है, जो गले के नीचे स्थित हंसुली नामक हड्डी को सुरक्षा प्रदान करता है। 

मटरमाला/मोहनमाला 

  • मटर की आकृति के दानों से जड़ी हुई सोने की माला को मटरमाला कहते है। इसे गले में पहना जाता है। 

माला 

  • यह मोतियों से बनी हुई होती है, जिसे गले में पहना जाता है और यह मटर माला से लंबाई में छोटी होती है। 

गलश्री/गलसरी 

  • यह गले का एक आभूषण है, जिसमें सोने के मोटे मनको को तीन या पाँच लाइन में सूती कपड़े की पट्टी पर लगाया जाता है, इसे गले से चिपका कर पहना जाता है। 

कंठी 

  • यह सोने के मनको से बनी हुई गले में पहने जाने वाला गहना होता है, जिसे महिलाओं द्वारा पहना जाता है।

जंजीर 

  • यह सोने या चांदी से बनी माला होती है जिसे स्त्री या पुरुष दोनों पहन सकते हैं। 

गुलबंद 

  • यह महिलाओं द्वारा गले में पहने जाने वाला आभूषण है। 

झालरा 

  • यह गले में पहना जाने वाला एक लंबा हार होता है जो चांदी के सिक्कों की डोर में तीन-चार अंगुल के अंतर पर गुँथने से बनता है। 

हार 

  • यह गले का गहना है जिसके बीच में कोई डिजाइनदार टिकड़ा या ताबीज होता है। 

मंगलसूत्र 

  • यह आभूषण विवाहित स्त्रियों द्वारा सुहाग के प्रतीक के रूप में पहना जाता है। यह सोने या चाँदी के साथ काले मोतियों से बना हुआ होता है। 

कठला 

  • यह एक गले का आभूषण है जिसमें सूती व रेशमी धागों को मिलाकर बनायी गयी डोर में बड़े-बड़े मोती पिरोए जाते है। 

पतरी 

  • यह सोने व चांदी से बना गले का ताबीज होता है जिसकी आकृति पान या शहतूत के पत्ते जैसी होती है। 

बटन 

यह सोने या चांदी से बना आभूषण है जिसमें बटनों के स्थान पर जंजीर के साथ बटन लटके होते हैं जिसे  कुर्ता, कुर्ती, कमीज आदि के साथ पहना जाता है। 

चंदनहार 

  • यह औरतों द्वारा पहना जाने वाला वक्ष-स्थल का गहना है जिसमें कई लड़ियाँ और बीच में कई आयताकार टिकड़े लगे होते है। इसे रानीहार भी कहते है। 

कान के आभूषण 

स्त्रियों द्वारा कान पर धारण किए जाने वाले आभूषण निम्न है।

बुजली 

  • यह सोने या चांदी से निर्मित कान का गहना होती है, इसे आमतौर पर बुजुर्ग महिलाओं द्वारा कान में पहना जाता है। 

ढेडे 

  • चाँदी का बना कान में पहने जाने वाला गहना है। 

कर्णफूल 

  • यह सोने या चांदी से बना आभूषण है जिसे स्त्रियों द्वारा कान के निचले हिस्से में पहना जाता है। 

बाली 

  • यह गोल-गोल वलयकार का सोने या चांदी का गहना है, जिसे कान के निचले हिस्से में पहना जाता है।

झुमका 

  • यह महिलाओं के कान का आभूषण है, जिसे कान में लटका कर पहना जाता है।

झुमकी 

  • यह सोने या चांदी का झुमके के आकार का आभूषण है, जिसके नीचे छोटी छोटी घुंघरियां बनी होती है। 

ओगन्या 

  • कान के ऊपरी हिस्से पर पहने जाने वाला सोने या चांदी का आभूषण ओग्न्या कहलाता है। 

कमर के आभूषण

स्त्रियों द्वारा कमर पर धारण किए जाने वाले आभूषण निम्न है।

तागड़ी 

  • यह सोने या चांदी से बना होता है जिसे कमर में पहना जाता है। इसे घाघरा, दामन या साड़ी के साथ पहना जाता है। 

नाडा 

  • यह चांदी का आभूषण होता है जिसे घाघरे के नाड़े के साथ बांधा जाता है। 

पल्लू 

  • यह चांदी का आभूषण है जिसे स्त्रियों के द्वारा ओढ़ने के पल्ले में बांधा जाता है। 

पुरुषो द्वारा पहने जाने वाले आभूषण 

हरियाणा में पुरुषों द्वारा धारण किए जाने वाले आभूषण निम्न हैं।

गोफ/ गोफया 

  • पुरुषों द्वारा गले में पहने जाने वाले सोने के हार को गोफ या गोफया कहते है। 

कठला 

  • यह भी गले में पहने जाने वाला आभूषण है। 

मुरकी 

  • पुरुषों द्वारा कान में पहने जाने वाला आभूषण है जो बालीनुमा आभूषण होता है। 

जंजीर 

  • यह सोने या चाँदी से बनी पुरुषों द्वारा गले में पहनी जाती है। 

पत्तरी 

  • यह गले में पहने जाने वाला आभूषण है स्त्रियाँ या पुरुष दोनो पहन सकते है। 

यह भी देखें :

Conclusion : आज के इस ब्लॉग पोस्ट में हमने Traditional ornaments of Haryana अथवा हरियाणा राज्य में स्त्रियों व पुरुषों द्वारा पहने जाने वाले आभूषण को कवर किया है। इस पोस्ट में हमने हरियाणा राज्य में पहने जाने वाले सभी आभूषणों को कवर करने की कोशिश की है। अगर आपकी नज़र में कोई आभूषण ऐसा है जो इस पोस्ट में कवर नहीं किया गया है तो हमें कॉमेंट बॉक्स में बताएँ।

Traditional Ornaments of Haryana FAQ

Q1. हरियाणा में पुरुषों द्वारा पहने जाने वाले आभूषण कौन से हैं?

मुरकी, ज़ंजीर, पत्तरी, गोफ, कठला

Q2. गजरा कहाँ पहने जाने वाला आभूषण है?

गजरा कलाई का एक आभूषण है।

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